Hot News
Edit Template
Saturday, March 14, 2026 8:58 am

जयपुर के 20 हजार वाहन एक साथ होंगे स्क्रैप, इस सीरीज के 15 साल पुरानी गाड़ियों का रजिसट्रेशन होगा रद्द | jaipur news

जयपुर शहर में वाहनों की संख्या में दिन-ब-दिन हो रही वृद्धि ने जहां एक ओर ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या को गंभीर बना दिया है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान सरकार अब पुराने और अनुपयोगी वाहनों को हटाकर शहर को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में गंभीर कदम उठा रही है। इसी क्रम में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जिसके तहत जयपुर में एक साथ 20,000 पुराने वाहनों को स्क्रैप (Scrap) करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ये वाहन 15 साल से अधिक पुराने हैं और इनमें से अधिकतर ‘RJ 14’ सीरीज के हैं।

यह फैसला राजस्थान परिवहन विभाग और केंद्र सरकार के वाहनों के स्क्रैपिंग नीति के तहत लिया गया है। नई नीति के तहत 15 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को यदि वे प्रदूषण और फिटनेस मानकों को पूरा नहीं करते, तो उन्हें चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना, सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में नये वाहनों की मांग को बढ़ावा देना है।

जयपुर की सड़कों पर करीब दो लाख से अधिक वाहन ऐसे हैं जो 15 साल से अधिक पुराने हैं, लेकिन इस पहले चरण में परिवहन विभाग ने ‘RJ 14 CP’, ‘RJ 14 CR’ और ‘RJ 14 CS’ सीरीज के करीब 20,000 निजी वाहनों को चिन्हित किया है, जिनका पंजीकरण वर्ष 2008 से पहले हुआ था। इन सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन अब रद्द कर दिया जाएगा और इन्हें स्क्रैप यार्ड भेजा जाएगा, ताकि उन्हें नष्ट किया जा सके। वाहन मालिकों को इस संबंध में विभाग की ओर से नोटिस भी भेजे जा रहे हैं।

यह पूरी प्रक्रिया डिजिटली और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। वाहन मालिक अपने वाहन की स्थिति की जानकारी परिवहन विभाग की वेबसाइट या नजदीकी आरटीओ कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है, उन्हें दोबारा सड़क पर लाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन जब्त भी किया जा सकता है।

परिवहन आयुक्त महोदय का कहना है कि यह कदम न सिर्फ पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक हो गया है। पुराने वाहन अक्सर तकनीकी दृष्टि से कमजोर हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, इन वाहनों से निकलने वाला धुंआ वायु प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत बन चुका है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट भी समय-समय पर राज्यों को पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की दिशा में कदम उठाने के लिए निर्देश दे चुके हैं।

वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग प्रक्रिया के अंतर्गत कुछ फायदे भी दिए जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति अपना पुराना वाहन स्क्रैप करता है, तो उसे स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर वह नए वाहन की खरीद पर टैक्स में छूट और कुछ अन्य वित्तीय लाभ भी प्राप्त कर सकता है। इससे न सिर्फ वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि नए वाहनों की खरीद को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार द्वारा स्क्रैप यार्ड्स की व्यवस्था भी की जा रही है। जयपुर में पहले ही दो स्क्रैपिंग यार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं, जहां वाहन मालिक अपने पुराने वाहन को नष्ट करवा सकते हैं। इन यार्ड्स को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि वहां पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना वाहन का निष्पादन किया जा सके।

इस स्क्रैपिंग मुहिम को लेकर जनता के बीच मिलेजुले प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई वाहन मालिक इस निर्णय को सराह रहे हैं और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं। वहीं कुछ लोग, खासकर वे जिनके वाहन अभी भी काम कर रहे हैं, इस फैसले को अनुचित मान रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और जिन वाहनों की फिटनेस व पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वैध है, उन्हें फिलहाल छूट दी जा सकती है।

इस पहल को एक आदर्श मॉडल के रूप में अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि यह अभियान सफल रहा, तो राजस्थान सरकार इसे राज्य के अन्य प्रमुख शहरों—जैसे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर आदि में भी लागू कर सकती है। इससे पूरे प्रदेश में पुराने, धुंआधार और खतरनाक वाहनों की संख्या में भारी कमी आ सकती है।

निष्कर्ष
जयपुर में एक साथ 20 हजार पुराने वाहनों को स्क्रैप करना एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है, जो पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और शहरी जीवन गुणवत्ता सुधार की दिशा में राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। यह फैसला केवल वाहनों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव हैं। यदि इसे पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू किया गया, तो यह न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Related Posts

man in white and green long sleeve shirt standing near brown concrete building during daytime

March 14, 2026/

राजस्थान सरकार और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के...

a man standing next to a tree in a park

February 9, 2026/

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने सामाजिक...

silhouette of person on window

January 28, 2026/

राजस्थान में मौसम ने मंगलवार को अचानक करवट ले ली और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव के कारण...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editors Pick

  • All Post
  • Top Stories

Subscribe For News

Get the latest sports news from News Site about world, sports and politics.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

Latest Posts

  • All Post
  • Top Stories
a large blue and red boat in the water

March 14, 2026/

LPG क्या है और इसका महत्व LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) में प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण...

woman in black jacket sitting beside woman in white blazer

March 8, 2026/

हर वर्ष 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है। यह दिन...

Subscribe For More!

Stay updated with the latest breaking news, politics, business, sports, entertainment, and world affairs — delivered directly to your inbox every day.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

50news is your trusted source for fast, verified, and trending news updates from India and across the world. We bring you the top headlines that matter — 24/7.

Top News

  • Breaking News

  • India News

  • World News

  • Business Updates

  • Sports Headlines

  • Entertainment Buzz

Services

  • Sponsored News Publishing

  • Media Promotions

  • Bulk PR Package

  • Advertisement Queries

  • Brand Collaborations

  • Customer Support

Company Policies

Company Policies

  • About 50news

  • Privacy Policy

  • Terms & Conditions

  • Editorial Guidelines

  • Fact-Checking Policy

  • Contact Us

© 2026 Created by 50news.in