कब्ज एक आम लेकिन अक्सर गलत समझी जाने वाली स्वास्थ्य समस्या है। अधिकतर लोग कब्ज को केवल “पेट साफ न होना” मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि कब्ज कई प्रकार की हो सकती है और हर प्रकार के पीछे अलग कारण और शारीरिक प्रक्रिया काम करती है।
किसी व्यक्ति को कभी-कभी कब्ज होती है, तो किसी को लंबे समय तक। किसी को खाने की वजह से, तो किसी को मानसिक तनाव या बीमारी के कारण। इसलिए कब्ज के प्रकारों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि सही समय पर सही उपाय या इलाज किया जा सके।
यह ब्लॉग कब्ज के सभी प्रमुख प्रकारों को विस्तार से समझाने के उद्देश्य से लिखा गया है।
कब्ज क्या है? (संक्षेप में)
जब मल त्याग सामान्य से कम हो जाए, मल कठोर हो, या शौच के समय अधिक ज़ोर लगाना पड़े, तो उस स्थिति को कब्ज कहा जाता है।
आमतौर पर यदि:
सप्ताह में 3 बार से कम शौच हो
पेट पूरी तरह साफ न लगे
मल सूखा या कठोर हो
तो व्यक्ति को कब्ज की समस्या मानी जाती है।
कब्ज के प्रकार (Types of Constipation)
1. अस्थायी कब्ज (Temporary / Acute Constipation)
क्या होती है
अस्थायी कब्ज वह होती है जो कुछ दिनों के लिए होती है और फिर अपने आप या मामूली सुधार से ठीक हो जाती है।
मुख्य कारण
यात्रा के दौरान दिनचर्या बदलना
अचानक खान-पान में बदलाव
कम पानी पीना
तनाव या नींद की कमी
लक्षण
2–3 दिन तक पेट साफ न होना
हल्का पेट भारी लगना
गैस या अपच
विशेष बात
यह कब्ज गंभीर नहीं होती और जीवनशैली सामान्य होते ही ठीक हो जाती है।
2. पुरानी कब्ज (Chronic Constipation)
क्या होती है
जब कब्ज लगातार कई सप्ताह या महीनों तक बनी रहती है, तो उसे पुरानी कब्ज कहा जाता है।
मुख्य कारण
लंबे समय तक फाइबर की कमी
लगातार अनियमित दिनचर्या
बार-बार शौच की इच्छा को दबाना
कुछ दवाएँ या बीमारियाँ
लक्षण
नियमित रूप से शौच में कठिनाई
हर बार ज़ोर लगाना
पेट हमेशा भारी रहना
थकान और चिड़चिड़ापन
क्यों गंभीर है
लंबे समय तक बनी कब्ज बवासीर, फिशर और पाचन तंत्र की अन्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
3. आहार संबंधी कब्ज (Diet-Related Constipation)
क्या होती है
यह कब्ज गलत खान-पान के कारण होती है और आज के समय में सबसे आम प्रकार मानी जाती है।
मुख्य कारण
फाइबर युक्त भोजन की कमी
मैदा, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड
फल और सब्ज़ियों का कम सेवन
लक्षण
मल कठोर और सूखा
पेट भारी लगना
शौच में देरी
समाधान का संकेत
जैसे ही भोजन में फाइबर और पानी बढ़ाया जाता है, इस प्रकार की कब्ज में सुधार आने लगता है।
4. कार्यात्मक कब्ज (Functional Constipation)
क्या होती है
इस प्रकार की कब्ज में कोई स्पष्ट शारीरिक बीमारी नहीं होती, लेकिन आंतें सही तरीके से काम नहीं करतीं।
मुख्य कारण
अनियमित जीवनशैली
समय पर शौच न जाना
मानसिक तनाव
गलत शौच आदतें
लक्षण
मेडिकल जाँच सामान्य आती है
पेट साफ न लगना
कभी ठीक, कभी खराब स्थिति
खास बात
यह कब्ज आदतों से जुड़ी होती है और दिनचर्या सुधारने से काफी हद तक ठीक हो सकती है।
5. स्लो ट्रांजिट कब्ज (Slow Transit Constipation)
क्या होती है
इस प्रकार की कब्ज में आंतों की गति बहुत धीमी हो जाती है, जिससे मल को बाहर आने में अधिक समय लगता है।
मुख्य कारण
आंतों की मांसपेशियों की कमजोरी
लंबे समय तक कब्ज
न्यूरोलॉजिकल समस्याएँ
लक्षण
सप्ताह में बहुत कम बार शौच
दवाओं का असर कम
पेट में भारीपन बना रहना
विशेषता
यह कब्ज सामान्य घरेलू उपायों से जल्दी ठीक नहीं होती और लंबे समय तक बनी रह सकती है।
6. आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन कब्ज (Outlet Obstruction Constipation)
क्या होती है
इसमें मल गुदा तक तो पहुँच जाता है, लेकिन बाहर निकलने में रुकावट आती है।
मुख्य कारण
गुदा की मांसपेशियों का सही ढंग से काम न करना
बवासीर या फिशर
शौच की गलत मुद्रा
लक्षण
बहुत ज़ोर लगाना
अधूरा शौच महसूस होना
दर्द या जलन
जोखिम
लगातार ज़ोर लगाने से गुदा से जुड़ी समस्याएँ और बढ़ सकती हैं।
7. दवाओं से होने वाली कब्ज (Medication-Induced Constipation)
क्या होती है
कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के रूप में कब्ज हो जाती है।
कब्ज बढ़ाने वाली दवाएँ
दर्द निवारक
आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट
अवसाद और एलर्जी की दवाएँ
ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएँ
लक्षण
दवा शुरू करने के बाद कब्ज
आहार सुधार से कम असर
सावधानी
ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी होती है।
8. हार्मोनल कब्ज (Hormonal Constipation)
क्या होती है
हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली कब्ज।
मुख्य कारण
थायरॉयड की समस्या
गर्भावस्था
मासिक धर्म से जुड़े बदलाव
लक्षण
महिलाओं में अधिक देखी जाती है
थकान और सुस्ती के साथ कब्ज
विशेषता
हार्मोन संतुलन के साथ इस प्रकार की कब्ज में भी सुधार होता है।
9. मनोवैज्ञानिक कब्ज (Psychological Constipation)
क्या होती है
मानसिक कारणों से होने वाली कब्ज।
मुख्य कारण
तनाव और चिंता
अवसाद
शौच से जुड़ा डर (खासतौर पर बच्चों में)
लक्षण
तनाव के समय कब्ज बढ़ना
मानसिक स्थिति सुधरने पर राहत
समझने योग्य बात
मन और पेट का गहरा संबंध होता है, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य पाचन को सीधे प्रभावित करता है।
10. उम्र से जुड़ी कब्ज (Age-Related Constipation)
क्या होती है
बढ़ती उम्र के साथ होने वाली कब्ज।
मुख्य कारण
पाचन तंत्र की धीमी गति
कम शारीरिक गतिविधि
कई दवाओं का सेवन
लक्षण
बुजुर्गों में आम
लगातार पेट साफ न होना
ध्यान देने योग्य
इस उम्र में कब्ज को हल्के में लेना उचित नहीं होता।
कब्ज के प्रकार समझना क्यों ज़रूरी है?
सही इलाज के लिए
गलत दवाओं से बचने के लिए
लंबे समय की जटिलताओं को रोकने के लिए
जीवनशैली सुधारने के लिए
कब सावधान होना चाहिए
कब्ज लंबे समय तक बनी रहे
मल में खून आए
अचानक वजन कम हो
तेज़ पेट दर्द हो
निष्कर्ष
कब्ज केवल एक समस्या नहीं, बल्कि कई प्रकारों का समूह है। हर व्यक्ति में कब्ज का कारण अलग हो सकता है और इसलिए उसका समाधान भी अलग होता है।
यदि कब्ज अस्थायी है तो जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त हो सकता है, लेकिन यदि यह पुरानी या जटिल प्रकार की है, तो इसे नज़रअंदाज़ करना नुकसानदेह हो सकता है।
कब्ज के प्रकारों की सही समझ ही स्वस्थ पाचन और बेहतर जीवनशैली की पहली सीढ़ी है।














