तमिल सिनेमा के सुपरस्टार अजित कुमार की ब्लॉकबस्टर फिल्म मनकथा ने 15 साल बाद अपनी री-रिलीज़ के साथ फिर से थिएटरों में धूम मचा दी है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर जहां फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं उसने घिल्ली और पडयप्पा जैसी प्रतिष्ठित फिल्मों की री-रिलीज़ कमाई को पार नहीं कर पाया है। मनकथा के रिपब्लिक डे सप्ताहांत में री-रिलीज़ होने के बाद इसका बॉक्स ऑफिस संग्रह लगभग ₹11 करोड़ से ऊपर पहुंच गया है, जिससे यह तमिल सिनेमा की री-रिलीज़ फिल्मों की लिस्ट में मजबूती से अपनी जगह बना रहा है।
15 वर्ष पुरानी यह फिल्म, जिसे वेनकट प्रभु ने निर्देशित किया था, जनवरी 23, 2026 को पुनः रिलीज़ किया गया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार मनकथा ने पहले ही दिन तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस पर लगभग ₹3.75 करोड़ का संग्रह दर्ज किया, जो तमिल सिनेमा में री-रिलीज़ फिल्मों के लिए एक शानदार शुरुआत थी। यह ओपनिंग कई पुराने रिकॉर्ड को चुनौती देती है और दर्शकों के बीच फिल्म की आज भी उतनी ही जबरदस्त लोकप्रियता का संकेत देती है।
पुराने रिकॉर्ड के लिहाज़ से घिल्ली अभी भी तमिल सिनेमा के री-रिलीज़ इतिहास में सबसे ऊँचे संग्रह वाली फिल्म बनी हुई है। घिल्ली की री-रिलीज़ ने बड़े पैमाने पर लगभग ₹30 करोड़ से अधिक की कमाई की थी, जबकि पडयप्पा भी लगभग ₹18–19 करोड़ के आसपास रही, जो मनकथा की वर्तमान कमाई से कहीं आगे है। मनकथा ने अब तक का लगभग ₹11.75 करोड़ का कुल संग्रह दर्ज किया है, जिसमें घरेलू इंडिया बॉक्स ऑफिस के साथ ओवरसीज़ से भी कुछ संग्रह शामिल है, लेकिन वह अभी भी ऊपर बताई गई फिल्मों की तुलना में थोड़ा पीछे है।
इस री-रिलीज़ की सफलता का श्रेय निश्चित रूप से अजित कुमार के समर्पित फैन बेस को दिया जा रहा है, जिसने सिनेमाघरों को भारी भीड़ से भर दिया है और फिल्म को एक “त्योहार” जैसा माहौल दिया है। कई स्थानों पर शो के दौरान दर्शकों की भारी संख्या के कारण थिएटरों में उत्सव जैसा माहौल देखा गया, और कुछ जगहों पर तो उत्साह इतना बढ़ गया कि प्रशंसकों ने शोर-शराबा और जश्न मनाया।
हालांकि मनकथा ने घिल्ली के री-रिलीज़ रिकॉर्ड को तोड़ा नहीं, उसके कई मायनों में पिछले हफ्ते की सबसे चर्चा में रहने वाली री-रिलीज़ फिल्मों में से एक रही है। मनकथा की बॉक्स ऑफिस की यह वापसी न सिर्फ पुराने प्रशंसकों को भावविभोर कर रही है बल्कि नए दर्शकों को भी आकर्षित कर रही है, जिससे यह साबित होता है कि फिल्म की कहानी और अभिनय आज भी लोगों के दिलों में उतना ही प्रचलित है जितना कि पहली बार 2011 में रिलीज़ के समय था।
इस री-रिलीज़ के दौरान मनकथा ने पुरानी फिल्मों के बीच नई ऊर्जा पैदा की है और तमिलनाडु के सिनेमाघरों में हलचल बन रखी है। दर्शक प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस की स्थिति यह संकेत दे रही है कि मनकथा री-रिलीज़ ने अपनी विरासत को मजबूत करते हुए एक बार फिर से फिल्म-प्रेमियों के बीच अपनी पहचान बनाई है। हालांकि वह सबसे बड़े रिकॉर्ड का दावा नहीं कर सका, फिर भी ₹11 करोड़ से अधिक की कमाई के साथ यह तमिल सिनेमा की री-रिलीज़ फिल्मों के मध्य एक सम्मानजनक स्थान पर बना हुआ है।
विश्लेषक बताते हैं कि री-रिलीज़ फिल्मों की सफलता में फैन उत्साह, यादें और सिनेमाई विरासत का भाव सबसे बड़ा योगदान होता है, और मनकथा ने इन सभी तत्वों को मिलाकर एक मजबूत बॉक्स ऑफिस रन सुनिश्चित किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म और भी अधिक समय तक सिनेमाघरों में अपनी कमाई बढ़ा पाती है, या फिर आने वाले सप्ताह में रिलीज़ होने वाली नई फिल्में इसका आकर्षण कम कर देती हैं।
मनकथा की री-रिलीज़ की यह यात्रा दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्मों की लोकप्रियता समय के साथ और भी बढ़ती चली जाती है, और पुराने अनुभवों को पुनः बड़े पर्दे पर देखना आज भी दर्शकों के लिए एक उत्सव जैसा अनुभव बन सकता है।








