राजस्थान सरकार और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। प्रस्ताव के अनुसार ड्रव्यवती नदी के किनारे एक एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना के लिए सबसे पहले डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसके लिए सरकार ने लगभग ₹6 करोड़ की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। DPR तैयार होने के बाद परियोजना के डिजाइन, लागत और निर्माण की समयसीमा तय की जाएगी।
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रणनीतिक योजना
जयपुर तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में ड्रव्यवती नदी के समानांतर एक एलिवेटेड सड़क बनाने की योजना को शहर के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।
इस कॉरिडोर से शहर के कई व्यस्त क्षेत्रों के बीच तेज और सुगम यातायात मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा।
नदी पर पुल और कल्वर्ट निर्माण की भी योजना
इस परियोजना के साथ ही सरकार ने ड्रव्यवती नदी पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कार्यों को भी मंजूरी दी है।
सरकार ने चार स्थानों पर बॉक्स कल्वर्ट बनाने के लिए लगभग ₹16 करोड़ की मंजूरी दी है, जिससे नदी के पार यातायात का प्रवाह अधिक सुचारू बनाया जा सके।
ये कल्वर्ट और पुल परियोजना एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ मिलकर शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेंगे।
ड्रव्यवती नदी क्षेत्र का समग्र विकास
सरकार केवल ट्रैफिक सुधार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ड्रव्यवती नदी के आसपास के क्षेत्र का व्यापक विकास भी किया जाएगा।
इसी के तहत नदी किनारे एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए करीब ₹7.9 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में खेल सुविधाओं और सार्वजनिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना नदी किनारे के क्षेत्र को एक इन्फ्रास्ट्रक्चर और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
जयपुर के लिए क्यों जरूरी है यह परियोजना
जयपुर में पिछले कुछ वर्षों में आबादी और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर के कई प्रमुख मार्गों जैसे अजमेर रोड, टोंक रोड और मानसरोवर क्षेत्र में पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम आम समस्या बन गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से:
ट्रैफिक का दबाव मुख्य सड़कों से हटेगा
यात्रा समय कम होगा
ईंधन की खपत कम होगी
प्रदूषण में भी कमी आ सकती है
शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का हिस्सा
यह योजना राजस्थान सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत जयपुर को बेहतर शहरी परिवहन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाला शहर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इससे पहले भी शहर में पुल, अंडरपास और नई सड़क परियोजनाओं पर काम किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
आगे क्या होगा
फिलहाल इस परियोजना की DPR तैयार की जाएगी। इसके बाद तकनीकी अध्ययन, पर्यावरणीय आकलन और लागत निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
यदि परियोजना योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में जयपुर को ड्रव्यवती नदी के किनारे एक आधुनिक एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर मिल सकता है, जो शहर की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक सुधारने में मदद करेगा।














