हरियाणा के गुरुग्राम शहर में आज एक बड़ी सुरक्षा चिंता पैदा हो गई जब लगभग 13 प्रतिष्ठित स्कूलों को बम धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए, जिससे प्रशासन, पुलिस और अभिभावकों में अचानक अलर्ट की स्थिति बन गई। धमकी संदेश के तुरंत बाद पुलिस और आपातकालीन टीमें घटनास्थलों पर पहुंचीं, और बच्चों, शिक्षकों तथा स्कूल स्टाफ को सुरक्षित रूप से स्कूल परिसरों से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच जारी है।
घटना बुधवार सुबह तब उजागर हुई जब कई प्रमुख निजी स्कूलों के ई-मेल पते पर धमकी संदेश भेजे गए जिनमें कहा गया कि स्कूलों को बम से उड़ाने की कोशिश की जाएगी। इन संदेशों के मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए और सभी स्कूलों में सुरक्षा कड़ी कर दी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पहले प्राथमिकता बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, इसलिए सभी स्कूलों को खाली कराने के फैसले तेजी से लागू किए गए।
घोषणाओं के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और रेस्क्यू बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और हर एक स्कूल परिसर की जांच शुरू कर दी। अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या बम जैसी चीज़ें नहीं मिली हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर सम्भावित खतरे को देखते हुए तलाशी अभियान चला रही हैं और जांच में जुटी हैं।
धमकी मिलने के समय कुछ बच्चे पहले से ही स्कूल पहुंचे हुए थे, इसलिए स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को अलर्ट संदेश भेजकर बच्चों को स्कूल भेजने से रोकने का अनुरोध किया। वहीं जिन छात्र पहले से स्कूल आए थे, उन्हें पुलिस और स्टाफ की मदद से सुरक्षित तरीके से वापस बाहर निकाला गया। इस दौरान कई अभिभावकों में चिंता और घबराहट देखने को मिली, लेकिन प्रशासन ने बार-बार संयम बनाए रखने का आग्रह किया।
सूचना मिलते ही गुरुग्राम के कई स्कूलों के आसपास की सड़कें भी पुलिस द्वारा आंशिक रूप से बंद कर दी गईं, ताकि सुरक्षा प्रक्रियाओं को बाधा न पहुँचे और सभी स्कूल परिसरों का तेजी से निरीक्षण हो सके। अधिकारियों ने बताया कि साइबर सेल की टीम भी धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन संदेशों को किसने भेजा और क्या वे वास्तविक खतरे के संकेत हैं या कुछ शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया भ्रम।
हालाँकि इस समय तक किसी स्कूल के परिसर से कोई धमकी जैसा संदिग्ध उपकरण या वस्तु नहीं मिला है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि कहीं यह धमकियाँ झूठी या हॉक्स तो नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में न सिर्फ गुरुग्राम, बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सों में भी स्कूलों को ई-मेल के माध्यम से बम धमकियाँ मिली थीं, जिनमें से कई बार जांच में यह साबित हुआ है कि यह झूठी या शरारती संदेश थे और कहीं किसी वास्तविक खतरे का पता नहीं चला। ऐसे मामलों में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ताकि ई-मेल के तकनीकी साक्ष्यों से भेजने वाले की पहचान की जा सके।
विशेष रूप से याद रखने योग्य बात यह है कि पिछले साल और पिछले महीनों के दौरान भी गुरुग्राम के कुछ स्कूलों को ऐसे ही धमकी के ई-मेल प्राप्त हुए थे। उदाहरण के लिए, DLF फेज-3 स्थित श्री राम स्कूल को एक बार धमकी भरा ई-मेल मिला था जिसमें कहा गया कि स्कूल में बम रखा गया है और इसे 12:05 बजे विस्फोट किया जाएगा। उस घटना में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने विस्तृत तलाशी अभियान चलाया था लेकिन अंततः कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी और मामला हॉक्स धमकी माना गया था।
गुरुग्राम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सुरक्षात्मक कदम छोटा या हल्के में नहीं लिया जाएगा। सभी स्कूलों की क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती रखी जा रही है, और आगे जांच में यह भी देखा जाएगा कि इन धमकी भरे ई-मेल का स्रोत क्या किसी संगठित शरारती तत्व से जुड़ा है या व्यक्तिगत व्यक्ति की नापाक हरकत है। पुलिस प्रवक्ता ने आश्वासन दिया है कि साइबर सेल तकनीकी जाँच, IP ट्रेसिंग और ई-मेल फोरेंसिक तकनीकों के माध्यम से जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
शहर के कई अभिभावकोंने कहा कि इस तरह की धमकियाँ बच्चों, शिक्षकों और परिवारों के लिए गहरी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों को निशाना बनाकर भेजे जाने वाले ऐसे संदेश न केवल आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट करते हैं बल्कि आम जनता में भय और असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि पुलिस और प्रशासन मामले की गहनता से जांच कर सही आरोपियों को पकड़ेंगे और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय लागू करेंगे।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश भर के कई हिस्सों में स्कूल सुरक्षा और साइबर धमकियों के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिससे शिक्षण संस्थानों के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर कड़े कदम उठाने की जरूरत महसूस हो रही है। अभी गुरुग्राम के 13 स्कूलों को मिली बम धमकियों की जांच जारी है और सुरक्षा स्थिति पर नजर बनी हुई है।





