बजट 2026 में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्रीय रूप से शामिल किया गया है। यह बजट न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि पूरे कृषि पारिस्थितिकी तंत्र — उत्पादन, प्रौद्योगिकी, विपणन और सुरक्षा — को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कृषि केवल रोजगार का स्रोत नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास की रीढ़ है।
किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य
बजट 2026 में किसानों की आय को स्थिर और दीर्घकालिक रूप से बढ़ाने के लिए कई उपाय पेश किए गए हैं।
🔹 न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था को और पारदर्शी बनाया जाएगा।
🔹 कृषि उपज पर उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए विपणन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
🔹 पोषणीय फसलों को अनुदान और प्रोत्साहन मिलेगा।
इन कदमों से छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी को ठोस समर्थन मिलेगा, जिससे वे ऋण से बाहर निकलने और बेहतर निवेश करने में समर्थ होंगे।
सिंचाई और जल-संरक्षण
बजट में सिंचाई और जल प्रबंधन को एक बड़ा प्रावधान मिला है। जल संकट का सामना कर रहे इलाकों में अधिक निवेश की घोषणा की गई है। सरकार ने कहा है कि
✔️ शक्ति सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता मिलेगी,
✔️ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण तेज़ होगा,
✔️ सूखे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित समाधान लाया जाएगा।
इससे न केवल फसल जोखिम कम होगा, बल्कि किसानों की उपज क्षमता भी अपेक्षाकृत स्थिर रहेगी।
भंडारण और प्रसंस्करण क्षमता
बजट 2026 में कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण पर महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है।
📦 उचित भंडारण सुविधाओं से किसानों को अपने उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
🏭 प्रसंस्करण इकाइयों से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
🚚 लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होने से किसानों को उच्च मूल्य बाजारों तक पहुंच मिल सकेगी।
यह नीति कृषि आपूर्ति श्रृंखला को जोड़ने और मल्टीपल वैल्यू चैनल उत्पन्न करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कृषि प्रौद्योगिकी और नवाचार
बजट 2026 में कृषि तकनीकों और डेटा-आधारित खेती को वापस बढ़ावा दिया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि
🌾 किसान सशक्तिकरण ऐप और डिजिटल कृषि प्लेटफ़ॉर्म पर निवेश बढ़ाया जाएगा।
📡 मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी परीक्षण और सटीक खेती उपकरणों का वितरण आसान होगा।
🤖 स्मार्ट और ऑटोमेटेड कृषि तकनीक को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस पहल का उद्देश्य यह है कि किसान टेक्नोलॉजी-सक्षम निर्णय ले सकें और जोखिम को कम कर उत्पादन बढ़ा सकें।
कृषि ऋण और वित्तीय सहायता
कृषि क्षेत्र को सॉफ्ट लोन की सुविधा और अधिक मजबूत की गई है। बजट 2026 में
💰 लघु और दीर्घकालिक कृषि ऋण पर ब्याज सब्सिडी जारी रहेगी।
🏦 सहकारी और ग्रामीण बैंकों को क्रेडिट गारंटी कवरेज मिलेगा।
📊 धान, गेहूँ, मशरूम जैसी विविध फसलों के लिए विशिष्ट ऋण योजनाएं प्रसारित होंगी।
इन उपायों से किसानों का पूंजी तक पहुंच आसान होगी, जिससे कृषि निवेश में गति आएगी।
कृषि रोजगार सृजन
बजट में रोजगार सृजन पर भी खास ध्यान दिया गया है। कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण कार्यों के जरिये
👨🌾 कृषि रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे,
🏡 छोटे कृषि उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा,
👩🌾 ग्रामीण युवाओं को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहायता मिलेगी।
इससे उत्तरदायित्व मिलेगी और ग्रामीण आय को स्थिरता मिलेगी।
एमएसएमई और एग्री-स्टार्टअप को प्रोत्साहन
बजट 2026 में MSME सेक्टर को कृषि के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।
🔹 कृषि आधारित छोटे उद्योगों को क्रेडिट सुविधा मिलेगी।
🔹 कृषि स्टार्टअप्स को टैक्स राहत और अनुदान का लाभ मिलेगा।
🔹 यूनिक प्रोडक्ट्स और Agri-Tech समाधान को इनोवेशन फंड से सहायता मिलेगी।
इस समर्थन से कृषि क्षेत्र और निजी निवेश के बीच एक मजबूत पुल बनेगा।
कृषि निर्यात को बढ़ावा
बजट 2026 में कृषि निर्यात को महत्त्वपूर्ण आर्थिक लक्ष्य के रूप में लिया गया है।
🌱 निर्यात बाजारों के लिए बेहतर प्रोत्साहन दिया जाएगा।
🚢 कृषि निर्यात हब विकसित होंगे,
💼 फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू चेन निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारत की कृषि क्षमता विश्व स्तर पर पहचान पाने के काबिल है, और बजट 2026 उसे यह प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है।
मुस्कुराते चेहरे: किसान और बजट 2026
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने कृषि क्षेत्र में
✔️ स्थिर आय का भरोसा,
✔️ जोखिम प्रबंधन का समर्थन,
✔️ तकनीकी नवाचार की दिशा,
✔️ ऊर्जा, सिंचाई और भंडारण सशक्तिकरण,
✔️ रोजगार और निवेश के अवसर,
— सबको संतुलित और सकारात्मक रूप से शामिल किया है।
यह बजट एक कृषि-उन्मुख बजट की तरह दिखाई देता है जो केवल निराशा कम नहीं करता, बल्कि किसान को भविष्य की तैयारी में भागीदार बनाता है।














