भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों देश जल्द संयुक्त बयान जारी करने की तैयारी में हैं।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संयुक्त बयान अगले चार से पांच दिनों में सामने आ सकता है।
संयुक्त बयान इस समझौते का पहला औपचारिक कदम होगा, जिसमें दोनों देश व्यापार, टैरिफ और सहयोग के प्रमुख बिंदुओं को सार्वजनिक करेंगे।
सरकार के अनुसार संयुक्त बयान के बाद इस ट्रेड डील को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी और मार्च 2026 तक औपचारिक समझौते की संभावना है।
इस समझौते में टैरिफ यानी आयात शुल्क एक अहम मुद्दा है। अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर शुल्क में राहत की संभावना जताई जा रही है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी समझौते में अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से समझौता नहीं करेगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका इस डील को रणनीतिक साझेदारी के रूप में देख रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिल सके।
अगर समझौता लागू होता है, तो इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं और व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।
कुछ किसान संगठनों ने आशंका जताई है कि ट्रेड डील का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है और उन्होंने पारदर्शिता की मांग की है।
विपक्षी दलों ने भी इस समझौते को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इतने बड़े फैसले पर संसद और जनता को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी समझौते में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेंगे और सभी फैसले सोच-समझकर लिए जाएंगे।
अब सबकी नजरें अगले कुछ दिनों में आने वाले संयुक्त बयान पर टिकी हैं, जिसके बाद India-US Trade Deal की दिशा और तस्वीर साफ होगी।